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एंग्जायटी कम करने के 5 आसान तरीके, दिल और दिमाग रहेगा शांत

Emoneeds Editorial Team6 min read

थोड़ी बहुत घबराहट या चिंता महसूस होना बहुत आम बात है। किसी अनजान चीज़ के सामने, किसी ज़रूरी काम से पहले या किसी मुश्किल पल में मन का बेचैन होना स्वाभाविक है। ज़्यादातर लोगों के लिए यह आती है और चली भी जाती है।

दिक्कत तब होती है जब यह घबराहट रोज़ बनी रहने लगे या इतनी बढ़ जाए कि रोज़मर्रा के काम मुश्किल लगने लगें। ऐसे में थोड़ा रुककर समझना ज़रूरी है कि आपके मन में क्या चल रहा है, ताकि सही कदम उठाए जा सकें।

काम का दबाव, घर की ज़िम्मेदारियाँ, सेहत की फ़िक्र या पैसों की चिंता, ये सब हमारी ज़िंदगी का हिस्सा हैं और अक्सर तनाव बढ़ा देते हैं। अगर आपको यह तनाव संभालना मुश्किल लग रहा है, तो आप अकेले नहीं हैं। Emoneeds के विशेषज्ञ से बात करें और अपने लिए सही राह चुनें।

एंग्जायटी से राहत पाने के लिए कुछ काम के सुझाव

व्यायाम, योग, माइंडफुलनेस मेडिटेशन और मनपसंद संगीत, ये सब मन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। नीचे हमने 5 आसान तरीके बताए हैं, जिन्हें आप अपनी रोज़ की ज़िंदगी में धीरे-धीरे शामिल कर सकते हैं।

1. शरीर को थोड़ा ज़्यादा हिलाएँ-डुलाएँ

जब मन बेचैन हो, तो शरीर को हिलाना-डुलाना अक्सर राहत देता है। नियमित शारीरिक गतिविधि तनाव कम करने और मूड बेहतर करने में मदद कर सकती है।

कई शोध बताते हैं कि नियमित व्यायाम से चिंता और उदासी जैसी आम परेशानियों के लक्षणों में सुधार होता है। अगर अभी आप ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, तो टहलने या साइकिल चलाने जैसी हल्की चीज़ों से शुरुआत करें। ऐसी गतिविधि चुनें जो आपको पसंद हो, ताकि आप उससे लंबे समय तक जुड़े रह सकें।

2. कैफीन थोड़ा कम करें

कैफीन शरीर में सतर्कता बढ़ाने वाले हार्मोन को उभार देता है, और इसी वजह से कुछ लोगों को इससे ज़्यादा घबराहट महसूस होती है। कॉफ़ी इसका सबसे जाना-पहचाना स्रोत है, पर यह और भी कई चीज़ों में होता है, जैसे:

  • चाय
  • सोडा और कोल्ड ड्रिंक
  • एनर्जी ड्रिंक
  • चॉकलेट
अगर आपको लगता है कि कैफीन लेने के बाद आपकी बेचैनी बढ़ जाती है, तो इसे कम करके देखें। एकदम से छोड़ने के बजाय धीरे-धीरे घटाएँ, क्योंकि अचानक बंद करने पर सिरदर्द जैसी कुछ परेशानियाँ हो सकती हैं।

3. संतुलित आहार लें

हम जो खाते हैं उसका असर हमारी सेहत के हर हिस्से पर पड़ता है, मन की सेहत पर भी। बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड खाना और ज़्यादा चीनी अक्सर तनाव बढ़ाने से जुड़ी पाई गई है।

लंबे समय तक तनाव में रहने पर कई बार हम ज़रूरत से ज़्यादा या सिर्फ़ स्वादिष्ट चीज़ें खाने लगते हैं, जो सेहत और मूड दोनों पर असर डाल सकता है। ताज़ी सब्ज़ियाँ, फल, दालें और साबुत अनाज जैसी पौष्टिक चीज़ें शामिल करने से शरीर को ज़रूरी पोषण मिलता है और मन को संभालना थोड़ा आसान हो जाता है।

4. फ़ोन और स्क्रीन का समय कम करें

स्मार्टफोन, कंप्यूटर और टैबलेट अक्सर ज़रूरी होते हैं, पर इनका बहुत ज़्यादा इस्तेमाल तनाव बढ़ा सकता है। कई अध्ययन ज़्यादा स्क्रीन समय को बढ़ते तनाव और मन की परेशानियों से जोड़ते हैं।

स्क्रीन के सामने बहुत देर बिताने से बड़ों और बच्चों दोनों में बेचैनी बढ़ सकती है। साथ ही, सोने से ठीक पहले स्क्रीन देखना नींद पर बुरा असर डालता है, और कच्ची नींद से तनाव और बढ़ जाता है। दिन में कुछ समय फ़ोन से दूरी बनाने की कोशिश करें।

5. नियमित योग का अभ्यास करें

योग हर उम्र के लोगों के लिए तनाव कम करने का एक पसंदीदा तरीका बन गया है। योग की शैलियाँ अलग-अलग ज़रूर हैं, पर ज़्यादातर का मकसद एक ही है, साँस और शरीर के प्रति जागरूकता बढ़ाकर मन और तन को जोड़ना।

शोध बताते हैं कि योग तनाव और चिंता कम करने में मदद करता है और मन को सुकून देता है। यह असर हमारे तंत्रिका तंत्र और शरीर की तनाव-प्रतिक्रिया को शांत करने से जुड़ा हुआ माना जाता है। रोज़ कुछ मिनट का सरल अभ्यास भी फ़र्क ला सकता है।

एंग्जायटी का इलाज कैसे होता है?

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर एंग्जायटी के लिए टॉक थेरेपी, जैसे सीबीटी, की सलाह देते हैं। यह आमने-सामने या ऑनलाइन, दोनों तरह से ली जा सकती है। कुछ मामलों में, ज़्यादा गंभीर लक्षणों के लिए डॉक्टर दवा भी सुझा सकते हैं।

कौन सा तरीका आपके लिए सही है, यह आपकी स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए किसी भी दवा या इलाज को लेकर खुद फ़ैसला करने के बजाय किसी प्रोफेशनल से ज़रूर बात करें। अक्सर थेरेपी, ज़रूरत पड़ने पर दवा, और अच्छी आदतों का मेल मिलकर सबसे ज़्यादा राहत देता है।

निष्कर्ष

लगातार तनाव में रहने का असर शरीर और मन, दोनों पर पड़ता है। अच्छी बात यह है कि इसे संभालने के कई आसान और असरदार तरीके मौजूद हैं। व्यायाम, माइंडफुलनेस, थोड़ा खुली हवा में निकलना, स्क्रीन का समय घटाना और अपनों के साथ वक़्त बिताना, ये सब मदद करते हैं।

अगर आपको लगता है कि चिंता आपकी रोज़ की ज़िंदगी पर हावी हो रही है, तो मदद माँगना समझदारी है, कमज़ोरी नहीं। Emoneeds के विशेषज्ञ से बात करें या अपनी सुविधा के अनुसार एक सेशन बुक करें, और अपने लिए सही दिशा चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एंग्जायटी के लिए 3-3-3 नियम क्या है?

3-3-3 नियम एक आसान ग्राउंडिंग तकनीक है जो मन को वापस वर्तमान में लाने में मदद करती है। इसमें आप अपने आसपास की तीन चीज़ें देखते हैं, तीन आवाज़ें सुनते हैं, और तीन चीज़ों को छूकर महसूस करते हैं। इससे ध्यान घबराहट से हटकर अपने आसपास की दुनिया पर आ जाता है।

तनाव और चिंता से कैसे निपटें?

संतुलित खाना खाएँ, नियमित व्यायाम करें, भरपूर नींद लें और जब बेचैनी महसूस हो तो खुद को थोड़ा आराम दें। गहरी साँसें लें, हल्का स्ट्रेच करें या कुछ मिनट ध्यान लगाएँ। अपने शरीर और मन, दोनों का ख्याल रखें।

चिंता को कैसे संभालें?

चिंता को संभालने के कई तरीके हैं, जैसे माइंडफुलनेस और विश्राम की तकनीकें, सही तरीके से साँस लेना, आहार में सुधार, अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना, समस्याओं को एक-एक करके सुलझाना और ज़रूरत पड़ने पर थेरेपी लेना। किसी प्रोफेशनल की मदद से आप अपने लिए सही तरीका चुन सकते हैं।

क्या एंग्जायटी अपने आप दूर हो सकती है?

हर किसी को कभी न कभी घबराहट होती है। आमतौर पर जिस वजह से चिंता हुई थी, वह स्थिति खत्म होने पर चिंता भी कम हो जाती है। पर हालात के हिसाब से यह फिर लौट भी सकती है। अगर चिंता लंबे समय तक बनी रहे और बढ़ती जाए, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें और किसी विशेषज्ञ से बात करें।

क्या रोने से तनाव कम होता है?

बहुत से लोग रोने को सिर्फ़ दुख से जोड़ते हैं, पर असल में रोना कई बार मन को हल्का कर देता है। रो लेने के बाद कुछ लोग बेहतर और शांत महसूस करते हैं। इसलिए अगर रोने का मन हो, तो खुद को रोकें नहीं। यह आपके मन को राहत देने का एक स्वाभाविक तरीका है।

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